कोरोना वायरस महामारी से फैला 80 लाख टन प्लास्टिक कचरा – रिपोर्ट

समुद्र के प्लास्टिक मलबे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तीन से चार सालों के भीतर लहरों के जरिए किनारे पर आने की उम्मीद है

MoneyControl News | अपडेटेड Nov 11, 2021 पर 7:03 PM
प्लास्टिक कचरा (फाइल फोटो)

कोरोना महामारी की वजह से पूरी दुनियाभर में 80 लाख टन प्लास्टिक कचरा निकला है। इसमें से 25,000 टन प्लास्टिक कचरा (plastic waste) महासागरों (oceans) में जा चुका है। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (National Academy of Sciences) जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, महासागर में एकत्र हुआ ये प्लास्टिक कचरा अगले तीन से चार सालों में लहरों के जरिए समुद्र के किनारे आने की उम्मीद है।

मलबे का एक छोटा हिस्सा समुद्र में चला जाएगा। जो अंततः महासागर के बेसिन के केंद्रों (centres of ocean basins) में फंस जाएगा। इस वजह से आर्कटिक महासागर में ढेर सारा कचरा जमा हो सकता है। जो दुनिया के लिए एक नई परेशानी का सबब बन सकता है।

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मास्क, दस्ताने और फेस शील्ड ने बढ़ाया कचरा

शोधकर्ताओं ने जिक्र किया है कि कोविड-19 महामारी ने फेस मास्क, दस्ताने और फेस शील्ड जैसे सिंगल यूज वाले प्लास्टिक की मांग में बढ़तोरी हुई है। लिहाजा इस कचरे का कुछ हिस्सा नदियों और महासागरों में चला गया जिसने पहले से ही नियंत्रण से बाहर वैश्विक प्लास्टिक समस्या (global plastic problem) पर दबाव बढ़ा दिया है।

चीन में नानजिंग यूनिवर्सिटी (Nanjing University) और अमेरिका के सैन डिएगो में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (University of California - UC) के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में टीम ने भूमि स्रोतों से निकलने वाले प्लास्टिक पर महामारी के प्रभाव को मापने के लिए एक नए विकसित महासागर प्लास्टिक संख्यात्मक मॉडल का उपयोग किया।

सबसे ज्यादा कचरा एशिया से

शोधकर्ताओं ने 2020 में महामारी की शुरुआत से लेकर अगस्त 2021 तक के आंकड़ों को शामिल किया। इसमें पाया गया कि समुद्र में जाने वाला ज्यादातर ग्लोबल प्लास्टिक कचरा एशिया से आ रहा है। इसमें ज्यादातर अस्पताल का कचरा है। इस स्टडी में कहा गया है कि महामारी में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर जोर देना होगा, नहीं तो हालात बिगड़ सकते हैं।

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एशियाई नदियों से कुल 73 फीसदी प्लास्टिक आता है, जिसमें टॉप तीन नदियां शत अल-अरब (Shatt al-Arab), सिंधु (Sindhu) और यांग्त्जी (Yangtze) हैं, जो फारस की खाड़ी, अरब सागर और पूर्वी चीन सागर में जाकर मिलती हैं। वहीं यूरोपीय नदियों से 11 फीसदी प्लास्टिक कचरा महासागरों में आता है।

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First Published: Nov 11, 2021 3:02 PM

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